गिग वर्कर्स के लिए पेंशन और आयुष्मान योजना – आसान भाषा में जानकारी:
क्या है प्रस्ताव?
1.सरकार गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर, आदि) को पेंशन और आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने जा रही है
2.कंपनियों से हर महीने योगदान (अंशदान) लेने की योजना है, ताकि इन कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
अंशदान कैसे लिया जाएगा?
1.अंशदान कंपनी के कुल कारोबार (Turnover) के आधार पर तय किया जा सकता है।
2.पहले यह तय होना था कि अंशदान मुनाफे (Profit) के आधार पर लिया जाए या टर्नओवर के आधार पर।
3.अब टर्नओवर आधारित अंशदान की संभावना अधिक लग रही है।
कौन देगा अंशदान?
1.कंपनियां (जैसे ऐप आधारित सर्विस प्रोवाइडर्स) कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत 1.5% से 2% तक का योगदान देंगी।
2.यह पैसा गिग वर्कर्स की पेंशन में उपयोग किया जाएगा।
कब शुरू होगा लाभ?
1.योजना को अंतिम रूप देकर कैबिनेट में जून के अंत तक मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
2.मंजूरी मिलते ही योजना लागू कर दी जाएगी।
पहले चरण में क्या होगा?
1.पहले चरण में 10 लाख गिग वर्कर्स को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा।
2.इसमें हर वर्कर को 5 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा।
लाभ पाने की शर्तें:
1.गिग वर्कर को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
2.आधार वेरिफिकेशन के बाद उन्हें गिग वर्कर श्रेणी दी जाएगी।
3.फिर उन्हें ई-श्रम कार्ड और आयुष्मान कार्ड जारी किए जाएंगे।
गिग वर्कर कौन होते हैं?
वे लोग जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए काम करते हैं:
•कैब ड्राइवर
•डिलीवरी बॉय
•फ्रीलांसर, आदि
•ये लोग आमतौर पर स्थायी कर्मचारी नहीं होते।
आंकड़े क्या कहते हैं?
1.2020-21 में देश में करीब 77 लाख गिग वर्कर थे।
2.अनुमान है कि 2029-30 तक इनकी संख्या बढ़कर 2.35 करोड़ हो जाएगी।
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